बिहार के गया जिला अंतर्गत वजीरगंज प्रखंड के महुएत पंचायत स्थित सरसा गांव की मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। विकास और पक्की सड़कों के बड़े-बड़े दावों के बीच, गांव की मुख्य गली की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।
कीचड़ और जलजमाव से राहगीर बेहाल
तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह से दलदल और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। सड़क पर चारों तरफ कीचड़ और पानी भरा हुआ है, जिससे पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। वाहनों के पहियों से बने गहरे निशान यह बताने के लिए काफी हैं कि इस रास्ते से गुजरना कितना मुश्किल है।
मवेशियों और ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित
सड़क के किनारे स्थानीय ग्रामीणों के मकान हैं और पशु बंधे हुए हैं। कीचड़ के कारण न सिर्फ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि मवेशियों के लिए भी स्थिति असुरक्षित बनी हुई है। बारिश के दिनों में यह स्थिति और भयावह हो जाती है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के इलाकों से टूटने की नौबत आ जाती है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से पक्की सड़क की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सड़क के निर्माण न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।