बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ सभी राजनीतिक पार्टियां और नेता काफी सक्रिय हो गए हैं। गठबंधन की राजनीति में सहयोग दल अपने अन्य सहयोगी को अपनी हैसियत बताने में लगे हैं तो कुछ लोगों ने गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे में अपनी दावेदारी से गठबंधन के सहयोगियों की नींद उड़ा रखा है, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा(सेक्युलर) नेता सह पूरे मूख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने NDA गठबंधन के अंदर 20 से अधिक सीटों के मांग कर सबको चौका दिया था,इतना ही नहीं हाल में इन्होंने ट्वीट कर जो जानकारी दी उसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है,इनके ट्वीट से यह साफ पता चल रहा है कि इन्हें कमसे कम 15 सीट चाहिए ही चाहिए नहीं तो ये गठबंधन से बाहर जाकर भी राजनीति की सोच सकते हैं। सिर्फ जीतन राम मांझी ही नहीं बल्कि NDA गठबंधन के दूसरे सहयोगी लोजपा(रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जो पिछले विधानसभा चुनाव में भी NDA गठबंधन में रहते हुए जदयू के खिलाफ उम्मीदवार उतार चुका है इस बार भी कुछ इसी राह पर है, 40 सीटों के इनकी अपनी लिस्ट है जिसपर ये अपना उम्मीदवार उतारना चाह रहे हैं, कई बार तो जमुई सांसद और चिराग के बहनोई ने यह बजी कहा कि मेरी गठबंधन भाजपा से है न कि जदयू से और अब अंतिम समय तक सीट बंटवारे का नहीं होना इस ओर संकेत है कि NDA गठबंधन में अभी सबकुक ठीक नहीं चल रहा और सारे सहयोगी एक दूसरे पर दवाब बनाने में लगे हैं जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा सीट मिल सके। बहरहाल यह चर्चा भी आम होती जा रही है कि क्या चिराग पासवान इस बार फिर अलग राह पकड़ लेंगे या जीतनराम मांझी NDA से अलग अपनी खिचड़ी पकाएंगे।।