समस्तीपुर के एलजेपी (रामविलास) नेता राजीव रंजन गिरफ्तार, रिटायर्ड जज से 4.49 करोड़ की ठगी का आरोप
कोलकाता पुलिस ने समस्तीपुर के रहने वाले लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और बिल्डर राजीव रंजन को धोखाधड़ी के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी से 4.49 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, राजीव रंजन समस्तीपुर जिले के टभका गांव के निवासी हैं और वे विभूतिपुर विधानसभा सीट से आगामी चुनाव में एलजेपी (रामविलास) के टिकट पर लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन चुनावी तैयारी से पहले ही कोलकाता पुलिस ने उन्हें विद्यानगर थाना क्षेत्र के सॉल्ट लेक इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद अदालत में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
💼 निवेश के नाम पर ठगी का आरोप
राजीव रंजन की कंपनी ‘त्रिमूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ देश के कई राज्यों में बिल्डिंग निर्माण का काम करती है।
रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी, जो सॉल्ट लेक के बीके-169, सेक्टर-II में रहते हैं, ने 7 सितंबर 2025 को विद्यानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव रंजन ने उन्हें साल्ट लेक के दो प्रोजेक्ट्स (FE-388, सेक्टर-III और CA-124, सेक्टर-I) में निवेश करने का ऑफर दिया था।
निवेश के बदले उन्होंने 24% वार्षिक ब्याज और प्रोजेक्ट के मुनाफे में 50% हिस्सेदारी देने का वादा किया था।
लेकिन दिसंबर 2024 के बाद प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह रुक गया और पैसे को अन्य प्रोजेक्ट्स में लगा दिया गया। जब इंद्रजीत चटर्जी ने पैसा वापस मांगा तो राजीव रंजन ने भुगतान से इनकार कर दिया और फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कराया।
🗳️ राजनीतिक सफर
राजीव रंजन ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर विभूतिपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें लगभग 18,000 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे।
बाद में उन्होंने 2021 में निर्दलीय एमएलसी चुनाव भी लड़ा, लेकिन केवल 324 वोट मिले।
इसके बाद उन्होंने रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) ज्वाइन कर ली थी।
🔍 वर्तमान स्थिति
कोलकाता पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और राजीव रंजन से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।
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कोलकाता पुलिस ने समस्तीपुर के रहने वाले लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और बिल्डर राजीव रंजन को धोखाधड़ी के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी से 4.49 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, राजीव रंजन समस्तीपुर जिले के टभका गांव के निवासी हैं और वे विभूतिपुर विधानसभा सीट से आगामी चुनाव में एलजेपी (रामविलास) के टिकट पर लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन चुनावी तैयारी से पहले ही कोलकाता पुलिस ने उन्हें विद्यानगर थाना क्षेत्र के सॉल्ट लेक इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद अदालत में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
💼 निवेश के नाम पर ठगी का आरोप
राजीव रंजन की कंपनी ‘त्रिमूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ देश के कई राज्यों में बिल्डिंग निर्माण का काम करती है।
रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी, जो सॉल्ट लेक के बीके-169, सेक्टर-II में रहते हैं, ने 7 सितंबर 2025 को विद्यानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव रंजन ने उन्हें साल्ट लेक के दो प्रोजेक्ट्स (FE-388, सेक्टर-III और CA-124, सेक्टर-I) में निवेश करने का ऑफर दिया था।
निवेश के बदले उन्होंने 24% वार्षिक ब्याज और प्रोजेक्ट के मुनाफे में 50% हिस्सेदारी देने का वादा किया था।
लेकिन दिसंबर 2024 के बाद प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह रुक गया और पैसे को अन्य प्रोजेक्ट्स में लगा दिया गया। जब इंद्रजीत चटर्जी ने पैसा वापस मांगा तो राजीव रंजन ने भुगतान से इनकार कर दिया और फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कराया।
🗳️ राजनीतिक सफर
राजीव रंजन ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर विभूतिपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें लगभग 18,000 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे।
बाद में उन्होंने 2021 में निर्दलीय एमएलसी चुनाव भी लड़ा, लेकिन केवल 324 वोट मिले।
इसके बाद उन्होंने रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) ज्वाइन कर ली थी।
🔍 वर्तमान स्थिति
कोलकाता पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और राजीव रंजन से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।
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